छपन छपाई
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आम ने बनायी खिचड़ी : जनसंदेश टाइम्स 11 दिसम्बर 2012 स्तंभ 'उलटबांसी' में प्रकाशित
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खास के जमाने हवा हुए। अब आम चर्चा में है। सर्दियां हैं और आम चर्चा में , कैसा विरोधाभास है। जरूर जनाब कोरी गप्प हांक रहे हैं। जबकि यह...
व्यंग्य का शून्यकाल : कादम्बिनी मासिक दिसम्बर 2012 अंक में किताबें मिलीं में उल्लेख
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अब पैदल चलने के लाईसेंस बनेंगे .. : मिलाप दैनिक स्तंभ 'बैठे ठाले' 10 दिसम्बर 2012 में प्रकाशित
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आप पैदल चलना जानते हैं और आपके पास लाइसेंस नहीं है तो सावधान हो जाइए। दिल्ली में पैदल चलने वालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य होने वाला है।...
जनसत्ता 9 दिसम्बर 12 के रविवारी परिशिष्ट में प्रकाशित अविनाश वाचस्पति के बाल गीत
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दैनिक हरिभूमि 9 दिसम्बर 2012 अंक में प्रकाशित पुस्तक समीक्षाएं
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क्या होंगे वहां खुदाबख्श कार्यालय तेरी अकथ कहानी कार्यालय तेरी अकथ कहानी : व्यंग्यकार वीरेन्द्र सरल क्या होंगे वहां खुदाबख...
नवभारत टाइम्स 6 दिसम्बर 2012 स्तंभ 'बोल बिंदास' में पाठकों के साथ अविनाश वाचस्पति पेज थ्री
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भूल कर भी कोई भूल हो न ! : जनसत्ता वार्षिकांक दीपावली 2012 में प्रकाशित
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आपका पैसा आपका हाथ, किंतु वोट हमारा है : जनसंदेश टाइम्स 4 दिसम्बर 2012 स्तंभ 'उलटबांसी' में प्रकाशित
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‘ आपका पैसा आपके हाथ ’ सत्ता पक्ष ने लुभावना जाल फेंका है। जाल लुभाए न तो पब्लिक झांसे में नहीं आती और सदा से फंसता शिकार ‘ आम आदमी...
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कहो, कैसी रही ? : जनवाणी स्तंभ 'तीखी नज़र' में 4 दिसम्बर 2012 को प्रकाशित
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क्लिक करिए और जनवाणी के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित सभी रचनाएं पढ़ लीजिए। चारों की चौकड़ी आज स्पेशल सुविधाओं के तहत स्वर्ग में धू...
खादी वाला सफेदपोश गुंडा : देशबंधु 1 दिसम्बर 2012 के संपादकीय पेज पर प्रकाशित
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क्लिक करके पढि़ए देशबंधु पर घूम रहा था मैंने देखा और अपने प्रिय पाठकों लिए पकड़ लाया हूं। जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘गुंडा’ और उसका...
शून्यकाल से सवाल ! : दैनिक अमर उजाला 1 दिसम्बर 2012 के अंक में 'शब्दिता' में 'परख' के अंतर्गत प्रकाशित
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मन से मुकाबला कर रही है इंटरनेट की गति : दैनिक प्रभात 20 नवम्बर 2012 अंक में प्रकाशित आलेख
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दैनिक प्रभात के रविवार 28 अक्टूबर 2012 में 'बुक वॉच' स्तंभ में 'व्यंग्य का शून्यकाल' की समीक्षा
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संसद और शून्य की गोलाई पर सार्थक चिंतन : दैनिक देशबंधु 30 नवम्बर 2012 के अंक में संपादकीय पेज पर प्रकाशित टिप्पणी
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क्लिक करें और पढि़ए गोल वस्तुओं के साथ यह विडंबना है कि चलती हुई भी वे रुकी हुई दिखती हैं। इसीलिए ऐसा लगता है कि जानबूझकर संसद को ग...
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कसाब को फांसी देख-देख आवत हांसी : जनसंदेश टाइम्स स्तंभ 'उलटबांसी' 27 नवम्बर 2012 अंक में प्रकाशित
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कसाब को एकाएक फांसी दिया जाना चाहे कितने ही राजनीतिक अर्थ रखता हो किंतु घाटे की ओर बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए इसे एक लाभकारी कदम के...
व्यंग्य का शून्यकाल : पुस्तक परिचय - दैनिक पंजाब केसरी 27 नवम्बर 2012 के अंक में प्रकाशित
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खादी वाला सफेदपोश गुंडा : दैनिक जनवाणी स्तंभ 'तीखी नजर' 27 नवम्बर 2012 के अंक में प्रकाशित
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दैनिक जनवाणी पेज 10 चश्मारहित पाठन के लिए लिंक की प्रतीक्षा करें, उपलब्ध होते ही जोड़ लिया जाएगा। जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘गुंड...
इंसानियत हो अपना धर्म : द जर्नलिस्ट (ए मीडिया रिसर्च जर्नल) के भारत के 'हिन्दू और मुस्लिम' विशेषांक अक्टूबर-दिसम्बर 2012 अंक में प्रकाशित
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ओह माई गॉड : राम से पंगा - डीएलए 21 नवम्बर 2012 अंक में प्रकाशित
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शायद बिना चश्मे के पढ़ पाएं ंकिंतु इसके लिए राम में भरोसा होना जरूरी है। राम बना राम का दुश्मन। उसने राम के पतीत्व में ही खोट निक...
फेसबुक, ट्विटर, पिनरेस्ट इत्यादि सोशल मीडिया पर सक्रिय मित्रगण ध्यान दीजिएगा
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मेरी रचनाओं के सम्मानीय पाठकों, फेसबुक मित्रों, टिवटर साथियों, पिनरेस्ट और अन्य सोशल मीडिया पर सक्रिय बंधुओं की गुजारिश थी कि वे मे...
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फोटू खींचने वाले सावधान : दैनिक जनवाणी स्तंभ 'तीखी नजर' 20 नवम्बर 2012 अंक में प्रकाशित
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चश्मारहित पाठन के लिए क्लिक कीजिए मंत्री के कहे का मंतर नहीं है। काटे का जंतर नहीं है। अनशन कैसे करे उसके लिए रामलीला मैदान नहीं है।...
इंटरनेट है मन की गति : जनसंदेश टाइम्स स्तंभ 'उलटबांसी' 20 नवम्बर 2012 में प्रकाशित
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बाजार ने बेजार कर रखा है। बाजा बजा रखा है आम आदमी का। जब से आम आदमी ने नेताओं का बाजा बजाना शुरू किया है तब से बाजे की आवाज मुग्ध कर...
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ओह माय गॉड 'राम' से पंगा : आई नेक्स्ट स्तंभ 'खूब कही' 20 नवम्बर 2012 में प्रकाशित
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राम बना राम का दुश्मन। उसने राम के पतीत्व में ही खोट निकाल दिया। वह भी राम, मैं भी राम सब में राम समाया, फिर भी राम का पतीत्व उसके...
कसाब काटू मच्छर से मुन्नाभाई की फेसबुक पर चैटिंग : दैनिक पंजाब केसरी 20 नवम्बर 2012 को प्रकाशित
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क्लिक कीजिए और पढि़ए कसाब को काटने वाला मच्छर ऑनलाईन था। वह फेसबुक पर मेरे साथ चैटिंग में आया। लीजिए आप भी होइए मच्छर से चैटिंग के ...
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