मूर्खता ब्‍लॉगस्‍पॉट डॉट कॉम : डेली न्‍यूज एक्टिविस्‍ट में 1 अप्रैल 2012 के अंक में प्रकाशित

बिना चश्‍मे के पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए। फिर मत कहिएगा कि बताया नहीं और जानबूझकर ही हम मूर्ख बनते रहे, वैसे फर्स्‍ट अप्रैल के दिन बुराई भी क्‍या है, मूर्ख बनना भी एक कला है, आज तक जो नहीं बने, जरा उनका दर्द तो महसूस कर देखिए।

2 टिप्‍पणियां:

ऐसी कोई मंशा नहीं है कि आपकी क्रियाए-प्रतिक्रियाएं न मिलें परंतु न मालूम कैसे शब्‍द पुष्टिकरण word verification सक्रिय रह गया। दोष मेरा है लेकिन अब शब्‍द पुष्टिकरण को निष्क्रिय कर दिया है। टिप्‍पणी में सच और बेबाक कहने के लिए सबका सदैव स्‍वागत है।